कोसी पूनर्वासित सैकड़ों परिवार के लोगों ने दिया धरना, होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, पूनर्वास की जमीन का मालिकाना हक़ दिलाने और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग



कोसी पूनर्वासित सैकड़ों परिवार के लोगों ने दिया धरना, होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, पूनर्वास की जमीन का मालिकाना हक़ दिलाने और आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग 

सुपौल से मोहम्मद नजीर आलम की रिपोर्ट।

सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में कोसी से पूनर्वासित हजारों परिवारों के लोग आज सुपौल जिला मुख्यालय के डिग्री कॉलेज के समीप धरना प्रदर्शन किया है.

होल्डिंग टैक्स से मुक्त करने, पूनर्वास की जमीन का मालिकाना हक़ दिलाने और उन्हें आवास योजना का लाभ मिलने सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर  आयोजित इस  धरना प्रदर्शन की अगुवाई समाजसेवी लव यादव ने की.

इस दौरान कोसी पूनर्वासित परिवार के लोगों ने सरकार के उपेक्षा पुर्ण रवैया के विरोध में धरना देकर अपनी मांगों को लेकर सरकार से पहल करने की गुहार लगाई है.

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ प्रकृति की मार और कोसी की विभीषिका से सैकड़ों लोग कोसी से अपनी जमीन घर वार छोड़कर पूनर्वासित किए गए हैं, लेकिन आज छे दशक बीत जाने के बाद भी पूनर्वास में बसे लोगों को पूनर्वास में दिये गए उक्त जमीन का मालिकाना हक़ नहीं दिया गया है. जिसके चलते अब तक सैकड़ों परिवार को आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. ऊपर से वर्ष 2013 से ही नगर परिषद सुपौल द्वारा होल्डिंग टैक्स जोड़कर जमा करने का फरमान जारी किया जा रहा है.  जिससे तमाम पूनर्वास के लोग भारी आक्रोश में है. लोगों ने होल्डिंग टैक्स का पुरजोर विरोध किया है और कहा है कि पूनर्वास के लोगों को होल्डिंग टैक्स से मुक्त किया जाय, लोगों ने कहा है कि पूनर्वास में बसे लोग आज भी मुलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं. बाबजूद सरकार द्वारा इस दिशा में समुचित पहल नहीं की जा रही है. जिससे लोगों में भारी आक्रोश है.

आक्रोशित लोग सरकार से माँग किया है कि पहले पूनर्वास के जमीन का उन्हें मालिकाना हक़ दिया जाय फिर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाय. 

धरना में शामिल लोगों ने कहा कि फिलहाल होल्डिंग  से मुक्त करते हुए इस दिशा में समुचित पहल किया जाय नहीं तो आगे इससे भी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे. धरना में  पूनर्वासित परिवार के सैकड़ों लोग शामिल हुए.

बताया गया कि धरना के बाद अपनी मांगो का ज्ञापन महामहिम राज्य पाल महोदय के नाम जिलाधिकारी को सौंपने की बात कही गई.


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