धरहरा के चौहान टोला में पंजाब पुलिस की छापेमारी,अभियुक्त फरार स्थानीय थाना पुलिस की मदद से कार्रवाई,




धरहरा के चौहान टोला में पंजाब पुलिस की छापेमारी,अभियुक्त फरार 

स्थानीय थाना पुलिस की मदद से कार्रवाई, धरहरा थानाध्यक्ष ने की पुष्टि


सोमवार की सुबह पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने धरहरा थाना क्षेत्र के चौहान टोला में बड़ी कार्रवाई की। पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से 25 करोड़ रुपये के गबन घोटाले के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की।छह सदस्यीय एसआईटी टीम ने स्थानीय थाना पुलिस के साथ मिलकर बादल कुमार सिंह, विजय कुमार सिंह और उर्मिला देवी के घरों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उर्मिला देवी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बादल कुमार सिंह और विजय कुमार सिंह फरार होने में सफल रहे। अचानक गिरफ्तार महिला की तबियत बिगड़ने के बाद महिला को पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धरहरा मे इलाज कराने के बाद छोड़ दिया।धरहरा थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पंजाब पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस बल की उपस्थिति में यह कार्रवाई की है।पंजाब के आसमां एक्सपोर्ट इंडिया प्लाइबोर्ड फैक्ट्री, जिला शहीद भगत सिंह नगर में 25 करोड़ रुपये के गबन घोटाले का यह मामला दर्ज है। इस फैक्ट्री में धरहरा चौहान टोला निवासी दीपक कुमार सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत था। आरोप है कि दीपक कुमार ने अपने रिश्तेदारों और कर्मचारियों के साथ मिलकर यह गबन किया।इस मुकदमे में दीपक कुमार, उसकी पत्नी आरती देवी, विजय कुमार सिंह, बादल कुमार सिंह, सत्यम कुमार सिंह, समीर कुमार सिंह और उर्मिला देवी को अभियुक्त बनाया गया है। दीपक कुमार और उसकी पत्नी आरती देवी पहले लुधियाना सेंट्रल जेल में बंद रह चुके हैं, जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम ने अब तक की जांच में अभियुक्तों के बैंक और डाकघर खातों से 14 करोड़ 75 लाख 65 हजार रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया है। सभी खातों को फ्रीज कर दिया गया है।आरोपितों पर जाली बिल बनाकर हजारों ट्रक प्लाइबोर्ड को अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में बेचने का भी आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि जाली बिलों पर प्लाइबोर्ड खरीदने वाले अमृतसर के तीन व्यापारी दोषी पाए गए हैं, जो वर्तमान में लुधियाना जेल में बंद हैं।उधर विजय कुमार सिंह और बादल कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका जिला सत्र न्यायालय शहीद भगत सिंह नगर द्वारा पहले ही खारिज की जा चुकी है। वहीं, दीपक कुमार और अन्य अभियुक्तों ने अपने फ्रीज खातों को डीफ्रीज कराने के लिए पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में CRMM 52731/2024 याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया।

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