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बंधे बालाजी में समाज एकता का विराट प्रदर्शन, भामाशाह सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब




बंधे बालाजी में समाज एकता का विराट प्रदर्शन, भामाशाह सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब





लोकेशन : फुलेरा जयपुर राजस्थान 

रिपोर्ट : योगेन्द्र गहलोत 




धर्मशाला विकास के लिए बना 5 करोड़ का मास्टर प्लान, उद्योगपति सीताराम बागड़ी ने 400 कट्टे सीमेंट देने की घोषणा


 खबर जयपुर ग्रामीण के फुलेरा क्षेत्र के निकटवर्ती ग्राम बंधे बालाजी से है, जहां माली सैनी समाज धर्मशाला विकास समिति के तत्वावधान में समाज की एकता, संगठन और विकास को समर्पित विशाल भामाशाह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम समिति अध्यक्ष एवं गौसेवक अमरचंद सैनी की अध्यक्षता में बंधे बालाजी स्थित बालाजी भवन में आयोजित हुआ, जिसमें धर्मशाला विकास कार्यों में योगदान देने वाले 200 से अधिक भामाशाहों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रख्यात उद्योगपति सीताराम बागड़ी ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व अध्यक्ष गोपालदास बागड़ी, भवानी शंकर माली, सुरेश सैनी (एनएचएआई), डॉ. पूनम सैनी, डॉ. तनु सैनी, सुरेश सैनी (रेलवे), सुशील कुमार सैनी, राजूलाल, छोटेलाल सैनी, हनुमान प्रसाद सैनी, मदनलाल सैनी, गीता सोलंकी, सुनील सैनी, रघुवर सांखला, रामेश्वर सैनी, तेजकरण सैनी, किशनलाल सैनी एवं सत्यनारायण सैनी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। समिति पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों का माल्यार्पण, साफा, दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान धर्मशाला विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 200 से अधिक भामाशाहों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि सीताराम बागड़ी ने अपने संबोधन में समाज को संगठित होकर विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने समाज की धर्मशाला के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए 400 कट्टे सीमेंट देने की घोषणा की। उनकी इस घोषणा पर उपस्थित समाजबंधुओं ने जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। समिति अध्यक्ष गौसेवक अमरचंद सैनी ने पूर्व कार्यकारिणी के योगदान को याद करते हुए उन्हें विशेष स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि बंधे बालाजी स्थित धर्मशाला के नवीनीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए 5 करोड़ रुपए की महत्वाकांक्षी विकास योजना तैयार की गई है। साथ ही समाज के भामाशाहों से समाजहित में आगे आकर सहयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान फुलेरा, बिचून, त्योदा, सांभरलेक, नरायणा, दूदू, सैनीपुरा, साखून सहित विभिन्न गांवों से पधारे माली समाज के प्रबुद्धजनों ने भी धर्मशाला विकास के लिए यथासंभव आर्थिक सहयोग प्रदान करते हुए समाज के सामूहिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई।

इस अवसर पर माली समाज मकराना के पदाधिकारियों ने भी पूर्व की भांति आगे निरंतर सहयोग जारी रखने का भरोसा दिलाया। समारोह में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, युवा वर्ग, प्रबुद्धजन एवं मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिली। कार्यक्रम का मंच संचालन एंकर योगेन्द्र गहलोत ने अपने प्रभावशाली और आकर्षक अंदाज में किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

कार्यक्रम का समापन सहभोज के साथ हुआ। पूरा आयोजन समाज की एकजुटता, सहयोग भावना और सामूहिक विकास के मजबूत संकल्प का प्रतीक बनकर सामने आया।

26 जून की समयसीमा बीतते ही फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों लोगों ने थाने का किया घेराव; गिरफ्तारी देने पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने नहीं लिया हिरासत में




26 जून की समयसीमा बीतते ही फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों लोगों ने थाने का किया घेराव; गिरफ्तारी देने पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने नहीं लिया हिरासत में




धरहरा प्रखंड के सुंदरडीह भलार गांव में मां-बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में 26 जून तक नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर शनिवार को धरहरा में जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने डाकबंगला से धरहरा बाजार होते हुए थाना परिसर तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए थाना परिसर का घेराव किया और विरोध स्वरूप सामूहिक गिरफ्तारी देने की घोषणा की।।। हालांकि, धरहरा थानाध्यक्ष ने किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया।मार्च के दौरान "पुलिस प्रशासन होश में आओ", "गरीबों को न्याय दो", "मजलूम पर अत्याचार बंद करो", "थाने में दलालों की बैठकी बंद करो" और "दिलखुश को न्याय दो" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने से बच रही है, जबकि पीड़ित परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है। जानकारी के अनुसार, 20 मई को सुंदरडीह भलार गांव में खेत में काम कर रहे दिलखुश यादव के साथ फंटूश चौधरी, विपिन चौधरी, मंगल चौधरी, अनीता देवी समेत अन्य लोगों ने कथित रूप से मारपीट की थी। बेटे को बचाने पहुंचीं उसकी मां अनीता देवी के साथ भी मारपीट की गई। पीड़िता के आवेदन पर धरहरा थाना में चार नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन को 26 जून तक गिरफ्तारी की समयसीमा दी थी। मांग पूरी नहीं होने पर शनिवार को सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।

नेताओं ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि यदि मामला किसी प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा होता तो पुलिस कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर देती, लेकिन गरीब परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है।

जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गोप ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी शराब कारोबार से जुड़ा है, इसलिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।

उपप्रमुख नीरज यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार पहले भी हिंसा का शिकार हो चुका है। पिछले वर्ष दिलखुश के पिता का हाथ तोड़ दिया गया था और आज भी उनके हाथ में स्टील की प्लेट लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

थानाध्यक्ष बोले— जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

धरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में थाना का प्रभार संभाला है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे,उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आंदोलन का नेतृत्व सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव, जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गोप, जिला सलाहकार प्रमुख मोहम्मद मुकीम,जमालपुर नगर अध्यक्ष राकेश कुशवाहा,उपप्रमुख नीरज यादव, राजद नेता नवीन निराला,आईआईपी जिला अध्यक्ष नरेंद्र तांती,अमित रंजन,पंकज यादव,कौशल किसलय यादव,सुमन बिंद,संदीप यादव,कंतलाल मंडल,मुन्ना यादव,अजय चन्द्रवंशी,मिथिलेश यादव, मुहम्मद आजम,रविकांत झा,राकेश रंजन उर्फ कालीचरण,नकुल यादव,राजेश यादव,भरत यादव सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने किया।

50 हजार की रंगदारी नहीं दी तो जान से मारने की धमकी, हथियार लेकर घर पहुंचे दबंग; पीड़ित ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार




50 हजार की रंगदारी नहीं दी तो जान से मारने की धमकी, हथियार लेकर घर पहुंचे दबंग; पीड़ित ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार

धरहरा (मुंगेर)। धरहरा थाना क्षेत्र के निमिया टोला निवासी चंदन कुमार ने गांव के कुछ लोगों पर ₹50 हजार की रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने तथा हथियार के बल पर घर में घुसकर हंगामा करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित ने धरहरा थाना में आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है।

दिए गए आवेदन में चंदन कुमार ने बताया कि वह राजेश सिंह की दुकान में कार्य करता है। 18 जून की शाम करीब 5:30 बजे वह दुकान से गोदाम की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव के विन्देश्वरी यादव तथा लखीसराय जिले के अभयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत घोघी बरियारपुर निवासी दुलारचंद यादव टेम्पो से पहुंचे और उसका रास्ता रोक लिया।




आरोप है कि दोनों ने उससे ₹50 हजार की रंगदारी की मांग की तथा रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना से भयभीत होकर वह अपने घर लौट आया और परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उसका बड़ा भाई आरोपितों से बातचीत करने गया, जहां उसके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

पीड़ित का आरोप है कि कुछ देर बाद विन्देश्वरी यादव, दुलारचंद यादव, नूतन देवी एवं अनिता देवी लाठी-डंडा और हथियार लेकर उसके घर पहुंच गए। वहां सभी ने पूरे परिवार को धमकाते हुए ₹50 हजार की मांग की तथा गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

चंदन कुमार ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस संबंध में धरहरा थानाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है। जांचोपरांत नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

"पटना में चंद्रवंशी चेतना मंच की ऐतिहासिक बैठक, समाज को मिला विकास का रोडमैप"




"पटना में चंद्रवंशी चेतना मंच की ऐतिहासिक बैठक, समाज को मिला विकास का रोडमैप"


चंद्रवंशी समाज को संगठित और सशक्त बनाने का आह्वान, डॉ. भीम सिंह ने दिया विकास का मंत्र

पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित आई.ए.एम. हॉल में चंद्रवंशी चेतना मंच के बैनर तले एक भव्य एवं ऐतिहासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिहार के सभी 38 जिलों से पहुंचे जिला अध्यक्षों, प्रखंड अध्यक्षों एवं समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद सह चंद्रवंशी चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भीम सिंह ने की।



अपने ओजस्वी संबोधन में डॉ. भीम सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी में निहित होती है। उन्होंने समाज के अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाने के लिए आगे आएं ताकि नई पीढ़ी आत्मनिर्भर और सक्षम बन सके।

उन्होंने कहा कि चंद्रवंशी समाज को अब सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनानी होगी। समाज के लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अपने नाम के साथ “चंद्रवंशी” उपनाम का प्रयोग अवश्य करें, जिससे समाज की एकता और पहचान को नई मजबूती मिले।

डॉ. सिंह ने राजनीतिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि लोकतंत्र में भागीदारी ही अधिकारों की रक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने समाज के लोगों से मतदान के प्रति सजग रहने और राजनीतिक रूप से संगठित होकर अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से समाज के उत्थान के लिए सहयोग देने तथा युवाओं से समाज सेवा के लिए समय निकालने की अपील की।

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण वह घोषणा रही, जिसमें डॉ. भीम सिंह ने बताया कि पूरे बिहार में 500 चंद्रवंशी चौपालों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये चौपाल समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के केंद्र बनेंगे तथा आने वाली पीढ़ियों को एक मजबूत मंच प्रदान करेंगे।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने समाज की एकता, संगठन और विकास को लेकर अपने विचार रखे तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में समाज को नई दिशा देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुंगेर जिला चंद्रवंशी चेतना मंच के जिला अध्यक्ष जुगल किशोर चंद्रवंशी ने राज्यसभा सांसद सह राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भीम सिंह कोअंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा माँ दुर्गा की भव्य प्रतिमा भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया।

बैठक का समापन समाज की एकता, शिक्षा, स्वाभिमान और राजनीतिक सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में मौजूद प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. भीम सिंह के नेतृत्व में चंद्रवंशी समाज नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और राज्य ही नहीं, देश के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चेक किसने सौंपा? आपदा राहत वितरण को लेकर प्रशासन घिरा महगामा पंचायत के जतकुटिया गांव में वज्रपात से मृत किसान के परिजनों को आपदा राहत राशि का चेक वितरण विवादों में घिर गया है। चेक वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मुंगेर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आपदा राहत मद से स्वीकृत चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक लाभुक परिवार को संबंधित सरकारी अधिकारी के बजाय एक गैर-सरकारी व्यक्ति के माध्यम से दिलाया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। अजय कुमार, जय कुमार समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि राहत राशि का समय पर भुगतान स्वागतयोग्य है, लेकिन वितरण सरकारी नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अंचल कार्यालय में आपदा राहत से जुड़े कई मामले अब भी लंबित हैं, जबकि इस प्रकरण में असामान्य रूप से त्वरित कार्रवाई की गई। इसे लेकर भी ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि राहत वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात बरता गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।वहीं, अंचलाधिकारी (सीओ) वीरेंद्र कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को राहत राशि का चेक राजस्व पदाधिकारी (रेवेन्यू ऑफिसर) के माध्यम से विधिवत सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम के दौरान कोई अन्य व्यक्ति



चेक किसने सौंपा? आपदा राहत वितरण को लेकर प्रशासन घिरा





महगामा पंचायत के जतकुटिया गांव में वज्रपात से मृत किसान के परिजनों को आपदा राहत राशि का चेक वितरण विवादों में घिर गया है। चेक वितरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मुंगेर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आपदा राहत मद से स्वीकृत चार लाख रुपये की सहायता राशि का चेक लाभुक परिवार को संबंधित सरकारी अधिकारी के बजाय एक गैर-सरकारी व्यक्ति के माध्यम से दिलाया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। अजय कुमार, जय कुमार समेत कई ग्रामीणों ने कहा कि राहत राशि का समय पर भुगतान स्वागतयोग्य है, लेकिन वितरण सरकारी नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अंचल कार्यालय में आपदा राहत से जुड़े कई मामले अब भी लंबित हैं, जबकि इस प्रकरण में असामान्य रूप से त्वरित कार्रवाई की गई। इसे लेकर भी ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि राहत वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात बरता गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। मामले की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।वहीं, अंचलाधिकारी (सीओ) वीरेंद्र कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को राहत राशि का चेक राजस्व पदाधिकारी (रेवेन्यू ऑफिसर) के माध्यम से विधिवत सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम के दौरान कोई अन्य व्यक्ति मौजूद होकर फोटो खिंचवा लेता है, तो इसके लिए प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अब यह मामला प्रशासनिक जांच की मांग के साथ चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

बीस सूत्री बैठक में जनहित के मुद्दों पर तीखी चर्चा, कई मामलों में जांच और कार्रवाई की मांग

 


बीस सूत्री बैठक में जनहित के मुद्दों पर तीखी चर्चा, कई मामलों में जांच और कार्रवाई की मांग

प्रखंड कार्यालय सभागार में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक में सोमवार को जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष नवीन सिंह ने की। इस दौरान आंगनबाड़ी बच्चों को वितरित की जा रही पोशाक की गुणवत्ता, आशा कार्यकर्ता नियुक्ति में कथित अनियमितता, सड़क अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं समेत कई मामलों को सदस्यों ने प्रमुखता से उठाया।

बैठक में सदस्य चंद्रचूड़ साक्षी ने जीविका के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दी जा रही पोशाक की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। जवाब में सीडीपीओ अमृता रंजन ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है तथा विभाग को जीविका से प्राप्त पोशाकों का ही वितरण किया जाता है।

अमारी पंचायत में आशा कार्यकर्ता की नियुक्ति में कथित अनियमितता की जांच की मांग भी जोर-शोर से उठी। वहीं माताडीह पंचायत के वार्ड संख्या आठ में आवासीय क्षेत्र की जगह निजी बथान पर स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के मामले पर भी सदस्यों ने सवाल खड़े किए।

बैठक में सारोबाग पंचायत की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा पचरुखी-बंगलवा एवं दशरथपुर-बंगलवा मुख्य सड़क के दोनों किनारों से अतिक्रमण हटाने की मांग अंचलाधिकारी से की गई। सदस्यों ने कहा कि अतिक्रमण के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।

अध्यक्ष नवीन सिंह ने भलार गांव के तीन वार्डों में सफाई कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कृषि सलाहकार योजनाओं का लाभ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रख रहे हैं, जिससे पात्र किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।

बैठक में गैरमजरुआ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, इटवा उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए विभाग को पत्र भेजने तथा बंगलवा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी उठी। अधिकारियों ने विभिन्न मामलों पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

बैठक में उपाध्यक्ष प्रीतम कुमार साह, राजेश सिंह राजू, बीडीओ राकेश कुमार, सीओ वीरेंद्र कुमार, पीओ कुमार सुंदरम, बीपीआरओ अनिशा कुमारी, सीडीपीओ अमृता रंजन, बीएओ अशोक प्रियदर्शी समेत समिति के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के आरोप में राजस्व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू



राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के आरोप में राजस्व कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई शुरू                                         

सुपौल से मोहम्मद नजीर आलम कि रिपोर्ट 

सुपौल- जिलाधिकारी सावन कुमार ने किशनपुर अंचल कार्यालय में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी आनंद कुमार गुप्ता के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है। उन पर एक राजनीतिक दल के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होकर मंच साझा करने, पार्टी का झंडा लेकर प्रचार-प्रसार करने तथा सरकारी सेवक के आचरण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।



मिली जानकारी के अनुसार, बलहा निवासी वरुण कुमार अवस्थी ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि राजस्व कर्मचारी आनंद कुमार गुप्ता ने सरकारी पद पर रहते हुए एक विशेष राजनीतिक दल के कार्यक्रम में भाग लिया और सार्वजनिक रूप से पार्टी का समर्थन किया। शिकायत के साथ संबंधित तस्वीरें भी उपलब्ध कराई गई थीं।

मामले में मांगे गए स्पष्टीकरण तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता, सुपौल की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद जिला प्रशासन ने आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच का निर्णय लिया है। जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि उपलब्ध तस्वीर में संबंधित कर्मचारी एक राजनीतिक दल के स्थापना दिवस एवं रामनवमी कार्यक्रम के बैनर के सामने झंडा लिए दिखाई दे रहे हैं। यदि जांच में तस्वीर और आरोप सही पाए जाते हैं तो बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), सुपौल को संचालन पदाधिकारी तथा अंचल अधिकारी, किशनपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।

जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि आरोप पत्र एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराएं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को सरकारी कर्मियों के लिए आचरण नियमों के पालन को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

जिलाधिकारी के आदेश की प्रति शिकायतकर्ता, संबंधित राजस्व कर्मचारी, अंचल अधिकारी किशनपुर, भूमि सुधार उप समाहर्ता, वरीय कोषागार पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।