शिक्षक दिवस पर मुंगेर जिला प्रशासन ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, धरहरा के दो शिक्षकों ने बढ़ाया प्रखंड का मान









शिक्षक दिवस पर मुंगेर जिला प्रशासन ने किया उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान, धरहरा के दो शिक्षकों ने बढ़ाया प्रखंड का मान


By Chandan Kumar।

मुंगेर / धरहरा: शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शनिवार को मुंगेर जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में जिले भर के उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किया है। इस कड़ी में धरहरा प्रखंड के लिए गर्व का क्षण रहा जब प्रखंड के दो विशिष्ट शिक्षकों को जिला प्रशासन द्वारा उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।


समारोह की अध्यक्षता जिलाधिकारी महोदय ने की, जबकि जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। पूरे जिले से आए शिक्षकों, शिक्षा प्रेमियों और अधिकारियों से सभागार खचाखच भरा रहा।

ओड़ाबगीचा के संजीव कुमार को मिला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सम्मान

धरहरा प्रखंड के मध्य विद्यालय, ओड़ाबगीचा में पदस्थापित विशिष्ट शिक्षक संजीव कुमार को विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक कार्य एवं गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के लिए शिक्षक सम्मान पत्र से नवाजा गया।


जानकारी के अनुसार, संजीव कुमार ने विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कई नवाचार किए हैं। उनकी कक्षाएं सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे बच्चों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता विकसित करने पर जोर देते हैं। विद्यालय में उनकी उपस्थिति, समयबद्धता और बच्चों के प्रति समर्पण को लेकर अभिभावकों में भी काफी सम्मान है। उनके प्रयासों से विद्यालय के बच्चों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है और विद्यालय का परीक्षा परिणाम भी बेहतर हुआ है। जिलाधिकारी ने स्वयं प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया और उनके कार्य की सराहना की।

अमरी के अमरजीत कुमार का FLN में उत्कृष्ट कार्य

वहीं, दूसरा सम्मान धरहरा प्रखंड के ही मध्य विद्यालय, अमरी के विशिष्ट शिक्षक अमरजीत कुमार को प्राप्त हुआ। उन्हें एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी) यानी बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


एफएलएन, नई शिक्षा नीति 2020 का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य कक्षा 3 तक के हर बच्चे को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित में निपुण बनाना है। अमरजीत कुमार ने इस दिशा में जमीनी स्तर पर काफी मेहनत की है। उन्होंने खेल-खेल में पढ़ाने की विधि, टीएलएम (Teaching Learning Material) का उपयोग और कमजोर बच्चों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन कर एक मिसाल पेश की है। उनके विद्यालय के प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चे अब आत्मविश्वास के साथ पढ़ और लिख पा रहे हैं, जो उनके समर्पण का ही परिणाम है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उनके इस योगदान को जिले के अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक बताया।

क्या है FLN और क्यों है यह सम्मान खास?

शिक्षा विभाग बिहार में निपुण बिहार मिशन के तहत FLN पर विशेष जोर दे रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित करना यह दर्शाता है कि सरकार जमीनी स्तर के शिक्षकों के प्रयासों को कितना महत्व दे रही है। अमरजीत कुमार का यह सम्मान धरहरा ही नहीं, बल्कि पूरे मुंगेर जिले के शिक्षकों के लिए एक मोटिवेशन है।

बधाइयों का लगा तांता, क्षेत्र में हर्ष का माहौल

दोनों शिक्षकों के सम्मानित होने की खबर मिलते ही धरहरा प्रखंड में हर्ष का माहौल है। ओड़ाबगीचा के पूर्व मुखिया पूर्वेंदु नारायण सिंह, प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. अरविंद कुमार सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी है।


शिक्षक समुदाय से रंजीत कुमार साहू, हरिदयाल जी, शास्त्रपाणि सुधांशु, डब्लू कुमार दास और सिंटू कुमार ने कहा कि यह सम्मान पूरे धरहरा के शिक्षक परिवार का सम्मान है। इससे अन्य शिक्षकों को भी बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने दोनों शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जिलाधिकारी ने दिया गुरु के महत्व पर जोर

समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र का निर्माता होता है। एक अच्छा शिक्षक सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि एक अच्छे समाज का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि मुंगेर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मेहनती शिक्षकों को हमेशा प्रोत्साहित किया जाएगा।


जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी अपने संबोधन में कहा कि बिहार सरकार शिक्षकों के कल्याण और शिक्षा में नवाचार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे इसी लगन और निष्ठा से बच्चों के भविष्य को संवारते रहें।


निश्चित तौर पर धरहरा के इन दो लालों ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो और काम के प्रति समर्पण हो तो सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

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