4 साल बाद भी नहीं सुलझा किशोर की मौत का रहस्य: परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।




चार साल बाद भी नहीं खुला किशोर की मौत काराज,रिकॉर्ड में भी नहीं मिली केस की प्रगति


धरहरा, मुंगेर: लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के खजुरिया-महगामा गांव निवासी 16 वर्षीय किशोर अखिलेश कुमार की मौत के मामले में दर्ज हत्या कांड की गुत्थी चार साल बाद भी नहीं सुलझ पाई है। इस मामले में न तो परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल पाई है और न ही पुलिस रिकॉर्ड में जांच की प्रगति का कोई स्पष्ट ब्योरा उपलब्ध है।


मृतक की पहचान खजुरिया गांव निवासी मोहन मंडल के 16 वर्षीय पुत्र अखिलेश कुमार के रूप में हुई थी।

क्या है पूरा मामला?

परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 12 अक्टूबर 2022 को अखिलेश कुमार गांव में ही खेलने के लिए घर से निकला था। शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां पता करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला।


चार दिन बाद, 16 अक्टूबर 2022 की सुबह परिवार को सूचना मिली कि महीला सहिला नदी के किनारे एक शव मिला है। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की पहचान अखिलेश के रूप में की।

हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप

मृतक के पिता मोहन मंडल ने उस समय लड़ैयाटाँड थाना में आवेदन देकर अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। आवेदन में उन्होंने आशंका जताई थी कि उनके बेटे की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के लिए पैर में रस्सी बांधकर पत्थर के सहारे नदी में डुबो दिया गया था।


इस मामले में लड़ैयाटाड थाना कांड संख्या 65/22, दिनांक 16.10.2022 के तहत हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

चार साल बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना को लगभग चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिजन आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना के इतने दिनों बाद भी उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही पुलिस द्वारा इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है, इसकी भी कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।


परिजनों ने वरीय अधिकारियों से मामले की जांच की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने और रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है।

थाने के रजिस्टर में नहीं मिला केस का ब्योरा

इस संबंध में जब वर्तमान थानाध्यक्ष विभांशु शेखर भास्कर से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके पदस्थापन से पहले का है। रूटीन रजिस्टर में इस कांड का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। पंजी के अभियुक्ति कॉलम में भी इस मामले से संबंधित कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं मिली है।


उन्होंने बताया कि इस कांड की जांच, प्रगति और अब तक की कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी वरीय पदाधिकारियों के स्तर से ही मिल सकती है। इसकी वास्तविक स्थिति केस डायरी, अनुसंधान अभिलेख और न्यायालय के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


वहीं, घटना के समय पदस्थापित रहे पूर्व थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले में अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया गया था और स्थानांतरण के समय केस से संबंधित सभी चार्ज दूसरे प्रभारी को सौंप दिया गया था।

कई बार हुआ वार्षिक निरीक्षण, फिर भी स्थिति अस्पष्ट नहीं

बताया जाता है कि घटना के बाद से अब तक वरीय अधिकारियों द्वारा थाना का कई बार वार्षिक निरीक्षण किया जा चुका है। इसके बावजूद उपलब्ध रजिस्टरों में इस पुराने हत्या कांड की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।


अब मृतक के परिजनों को वरीय अधिकारियों से ही न्याय की उम्मीद है।


डिस्क्लेमर: यह समाचार परिजनों के आवेदन और पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ