अवैध रूप से संचालित अस्पताल के शील की प्रक्रिया होने के 48 घंटे बाद अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर हुई प्राथमिकी दर्ज



अवैध रूप से संचालित अस्पताल के शील की प्रक्रिया  होने के 48 घंटे बाद अनुमंडल पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर हुई प्राथमिकी दर्ज 


 रिपोर्टर मोहम्मद नजीर आलम 



मामला सुपौल सदर थाना के वार्ड नंबर 26 की है जहां बीते 30 जुलाई जुलाई को अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहू सिविल सर्जन डॉक्टर बाबू साहब झा प्रखंड विकास पदाधिकारी निशांत कुमार आंचल का मनीष कुमार एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से नगर परिषद वार्ड नंबर 26 स्थित रिया पॉली क्लिनिक पर छापेमारी की इस दौरान रिया पॉली क्लीनिक इस की दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जिसमें भारी अनियमिताएं पाया गया। जहां इंसानों की जिंदगी का खुलेआम खेला जा रहा था। बगैर वेद चिकित्सक एवं अवैध रूप से नर्सिंग होम संचालित की जा रही थी। इसके बाद अधिकारियों के द्वारा गहन जांच के बाद पूरे नर्सिंग होम को सील कर दिया गया था। लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी सदर थाने में आवेदन प्राप्त नहीं कराई गई थी। अनुमंडल पदाधिकारी को मामले की खबर लगते ही अनुमंडल पदाधिकारी कार्रवाई करते हुए सदर थाने को आवेदन उपलब्ध करवाया और 48 घंटे के बाद रिया पो ली क्लीनिक के विरुद्ध अवैध नर्सिंग होम संचालित को लेकर सदर थाने में प्राथमिक की दर्ज की गई। अब सवाल यह पूछता है कि सील होने के प्रक्रिया के बाद 48 घंटे तक पदाधिकारी के द्वारा सदर थाने को आवेदन क्यों प्राप्त नहीं कराई गई और अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई बाजारों में चर्चा है के शहर में चल रहे अवैध नर्सिंग होम कहीं ना कहीं विभाग के संरक्षण में ही ऐसे नर्सिंग होम शहर में फल फूल रहे हैं।

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