शहीद अब्दुल हमीद चौक पर श्रद्धांजलि, परिजनों का आरोप—"यह हादसा नहीं, हत्या है", निष्पक्ष जांच की उठी मांग
हसरत अली उर्फ टिपू की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर रविवार देर शाम परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। तेज हवा और बारिश के बीच सैकड़ों की संख्या में परिवार के सदस्य, मोहल्लेवासी और युवा "Justice for Tipu" लिखे बैनर के साथ कैंडल मार्च निकालते हुए शहीद अब्दुल हमीद चौक पहुंचे। वहां कैंडल जलाकर दिवंगत टिपू को श्रद्धांजलि दी गई तथा जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि 26 जून की रात हुई घटना को प्रशासन हादसा बताकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है, जबकि उनका मानना है कि यह एक सुनियोजित हत्या है। परिवार का कहना है कि कई दिनों से न्याय की गुहार लगाने के बावजूद अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।परिवार के सदस्यों ने कहा कि घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य अब उनके बीच नहीं रहा, लेकिन प्रशासन उनकी पीड़ा को समझने के बजाय मामले में लापरवाही बरत रहा है। उन्होंने मांग की कि यदि प्रशासन इसे दुर्घटना मानता है तो सार्वजनिक रूप से ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत करे, जिससे यह साबित हो सके कि टिपू सुरक्षित रूप से मोटरसाइकिल चलाते हुए मुख्य सड़क से गली में प्रवेश कर रहा था।
कैंडल मार्च के दौरान शहीद अब्दुल हमीद चौक पर दो मिनट का मौन रखकर हसरत अली उर्फ टिपू को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान मौजूद लोगों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।वहीं, कार्यक्रम में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आगे भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे।

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