20 सूत्री मांगों को लेकर एसयूसीआई का धरहरा प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन



20 सूत्री मांगों को लेकर एसयूसीआई का धरहरा प्रखंड कार्यालय पर प्रदर्शन, बीडीओ को सौंपा ज्ञापन

By Chandan Kumar 

27 जुलाई 2026




पेयजल, आवास, पेंशन, नल-जल योजना, भ्रष्टाचार और भूमिहीनों को जमीन सहित जनहित के मुद्दों पर उठाई आवाज, समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।


https://youtu.be/mJWOg02MkCw

धरहरा (मुंगेर): जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के कार्यकर्ताओं ने धरहरा प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। चैती दुर्गा मंदिर, औड़बगीचा से कामरेड कामेश्वर रंजन के नेतृत्व में निकले जुलूस में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण शामिल हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और बैनर लिए प्रदर्शनकारी पहाड़पुर, मुसहरी, मोहनपुर, बबरमसिया और जगदीशपुर सहित विभिन्न गांवों से होते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचे, जहां सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।

प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रभारी कामरेड कामेश्वर रंजन ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी धरहरा प्रखंड के कई गांवों में लोगों को पेयजल, आवास, पेंशन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाता है तो संगठन व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगा।

प्रदर्शन के दौरान एसयूसीआई ने अपनी 20 सूत्री मांगों में पहाड़पुर, मुसहरी और जगदीशपुर में पेयजल संकट का स्थायी समाधान, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों का बकाया भुगतान, अधूरे आवासों के लिए ₹50 हजार की अतिरिक्त सहायता, भूमिहीन गरीबों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने, शौचालय निर्माण की राशि बढ़ाने, वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन ₹5,000 प्रतिमाह करने, नल-जल योजना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा अंचल कार्यालय में कथित रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने सहित कई जनहित के मुद्दे उठाए।

सभा को युवा संगठन के राज्य सचिव विकास कुमार, ऑल इंडिया खेत मजदूर संगठन के राज्य कमेटी सदस्य ठाकुर रजनी मंडल, कपिल केसरी, रामजीवन शर्मा तथा सरपंच अमारी जयप्रकाश समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम के अंत में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी 20 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

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