आधी रात 'अपहरण' की सूचना से मचा हड़कंप, लोकेशन ट्रेस होते ही खुल गई पूरी पोल



'मेरा अपहरण हो गया...' आधी रात मची अफरा-तफरी, पुलिस ने होटल का बाथरूम खोला तो उड़ गए होश!

By Chandan Kumar 

28 जुलाई 2026

अपहरण की सनसनीखेज सूचना निकली झूठी, शराब के नशे में होटल के बाथरूम से मिला शिक्षा विभाग का क्लर्क


मुंगेर। आधी रात एक फोन कॉल ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। कॉल करने वाले ने दावा किया कि शिक्षा विभाग के क्लर्क मनीष कुमार का अपहरण हो गया है और वह बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं। सूचना इतनी गंभीर थी कि पुलिस ने बिना एक पल गंवाए लोकेशन ट्रेस कर छापेमारी शुरू कर दी। लेकिन जब होटल के बाथरूम का दरवाजा खुला, तो सामने का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।


मामला धरहरा थाना क्षेत्र का है। सोमवार रात करीब 11:30 बजे थाना के सरकारी नंबर पर एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उसके भाई मनीष कुमार, जो अमारी गांव के निवासी और शिक्षा विभाग में क्लर्क हैं, का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। उसने बताया कि मनीष किसी बाथरूम में छिपे हुए हैं और रोते हुए अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहे हैं।


सूचना मिलते ही धरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने टीम के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने पर मनीष का पता जमालपुर थाना क्षेत्र स्थित विनायक होटल में मिला। इसके बाद धरहरा और जमालपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से होटल में छापेमारी की।


होटल के कमरे के बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक समझाने के बाद जब दरवाजा खुला, तो कथित अपहृत मनीष कुमार सुरक्षित मिले। हालांकि, उनके मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी और वह पूरी तरह नशे की हालत में थे। पुलिस उन्हें जमालपुर थाना ले गई, जहां ब्रेथ एनालाइजर जांच में शराब पीने की पुष्टि हो गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।


जांच में साफ हो गया कि अपहरण की पूरी कहानी झूठी थी। एक फर्जी सूचना ने पुलिस को आधी रात तक दौड़ाए रखा और सरकारी संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल हुआ।


धरहरा थानाध्यक्ष ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पुलिस को झूठी आपातकालीन सूचना देना गंभीर अपराध है। ऐसी हरकतों से पुलिस का समय और संसाधन बर्बाद होते हैं, जिससे वास्तविक संकट में फंसे लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने में परेशानी होती है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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