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धरहरा के कथौटिया पहाड़ पर नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, AK-47 के 44 जिंदा कारतूस बरामद

 


कथौटिया पहाड़ पर नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, AK-47 के 44 जिंदा कारतूस बरामद

लडैयाटांड थाना क्षेत्र के पैसरा और कथौटिया पहाड़ के घने जंगलों में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में जंगल में छिपाकर रखे गए एके-47 राइफल के 44 जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिससे नक्सलियों की एक बड़ी साजिश समय रहते नाकाम हो गई।

यह सर्च ऑपरेशन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 215वीं बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में बी/215 बटालियन (एफओबी पैसरा) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्गम पहाड़ी और घने जंगलों में घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध स्थान पर छिपाकर रखे गए 44 जिंदा कारतूस मिले। इन कारतूसों की बरामदगी से यह साफ हो गया कि नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए विफल कर दिया।

बरामदगी के बाद बम निरोधक दस्ते (बीडीडी) को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने पूरे इलाके में गहन जांच अभियान चलाया, ताकि किसी अन्य विस्फोटक या हथियार की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

लडैयाटांड थानाध्यक्ष विरभांशु शेखर भास्कर ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन जमुई और मुंगेर जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। सुरक्षा बलों की इस सतर्कता से एक बार फिर साबित हो गया है कि नक्सलियों के मंसूबों को किसी भी हाल में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।


सुरक्षा बलों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया, जिससे इलाके में राहत और सुरक्षा का माहौल कायम हुआ है।

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