कलेक्ट्रेट में मजदूरों का प्रदर्शन, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की मांग
सीटू के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने सौंपा ज्ञापन, निजीकरण और श्रम नीतियों को लेकर जताई नाराजगी
धमतरी। किसानों और मजदूर-कर्मचारी संगठनों के संयुक्त देशव्यापी आह्वान पर सोमवार को धमतरी में सैकड़ों मजदूरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रोजगार की सुरक्षा, मजदूरी में बढ़ोतरी और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का आयोजन सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के जिला समिति के नेतृत्व में किया गया। प्रदर्शन में आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन, मंडी और एफसीआई सहित विभिन्न असंगठित क्षेत्रों से जुड़े श्रमिक शामिल हुए। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजीकरण की नीतियों के कारण असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के रोजगार पर संकट बढ़ रहा है। उन्होंने श्रमिकों को नियमित करने तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सीटू के जिला अध्यक्ष मनीराम देवांगन और जिला सचिव समीर कुरैशी ने कहा कि मजदूरों की मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़ी रसोइया मजदूरों द्वारा आगामी 6 अक्टूबर को दिल्ली में संसद के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन से पहले आयोजित सभा को छत्तीसगढ़ किसान सभा के उपाध्यक्ष संजय पराते ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की श्रम और कृषि नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन नीतियों का असर किसानों और श्रमिकों की आजीविका पर पड़ रहा है।
उन्होंने श्रम संहिताओं, कृषि व्यापार समझौतों और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण को लेकर भी सरकार की नीतियों की आलोचना की। किसान सभा नेता ने कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर भी उठाई आवाज
सीटू नेताओं ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, रोजगार की स्थिरता और उचित मजदूरी उपलब्ध कराने की मांग की।
नेताओं ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में प्रस्तावित कटौती को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को पर्याप्त खाद्यान्न मिल सके।
सभा में ललिता साहू, बालाराम मरकाम, मधु नेताम, उकेश्वरी साहू, तुलेश्वरी रजक, रवि ध्रुव, युवराज साहू, पुरुषोत्तम साहू, अशोक ध्रुव और दुर्गा नेताम सहित अन्य सीटू नेताओं ने भी अपने विचार रखे।
सभा के बाद मजदूरों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और अपर कलेक्टर को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही।


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