रोजी-रोटी और भविष्य की राह में रोड़ा बनी रेलवे व्यवस्था
फुलेरा नाम मात्र की रेल नगरी
रोजी-रोटी और भविष्य की राह में रोड़ा बनी रेलवे व्यवस्था
फुलेरा से योगेंद्र गहलोत की रिपोर्ट।
रेलमंत्री वैष्णव से फुलेरा के रेलवे विकास हेतु महासंघ ने रखी प्रमुख मांगे
फुलेरा (योगेन्द्र गहलोत) : फुलेरा, जिसे ऐतिहासिक रूप से ‘रेल नगरी’ कहा जाता है, आज भी केवल एक नाम बनकर रह गया है। जो नाम कभी संपूर्ण एशिया में गर्व से गूंजता था, आज वहां की हजारों की तादाद में जनता रोजाना रेलमार्ग पर जीवन-यात्रा में संघर्ष कर रही है। हजारों की तादाद में लोग फुलेरा जंक्शन से जयपुर, अजमेर, किशनगढ़, मकराना, कुचामन जैसे प्रमुख शहरों का रोजाना आवागमन करते हैं। विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाने के लिए, मजदूर अपनी रोजी-रोटी जुटाने के लिए और व्यापारी अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए फुलेरा से रेल सेवा का उपयोग करते हैं। लेकिन फिर भी, कई जरूरी ट्रेनों का फुलेरा जंक्शन पर ठहराव नहीं है। नतीजा यह होता है कि उन्हें कई बार अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ती है, महंगे वाहन पर निर्भर रहना पड़ता है, या फिर समय पर पहुंचने में विफल होना पड़ता है। एक ऐसी व्यथा जो रोजमर्रा की जिंदगी को कठिन बना रही है। इसी व्यथा से पीड़ित दैनिक रेल यात्रियों ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के जयपुर आगमन पर दैनिक रेलयात्री महासंघ फुलेरा के अध्यक्ष ओर उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर मंडल की रेल परामर्श दात्री समिति सदस्य विष्णु कयाल के नेतृत्व में रेलमंत्री वैष्णव का माला व साफा भेंट कर फुलेरा के रेलवे विकास हेतु एक भावात्मक ज्ञापन सौंपा। दैनिक रेल यात्री महासंघ के अध्यक्ष विष्णु कयाल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया की आवश्यक ट्रेनों का फुलेरा जंक्शन पर ठहराव सुनिश्चित करवाने,पहले से स्वीकृत इलेक्ट्रिक लोको शेड का शीघ्र निर्माण करवाने ओर फुलेरा के मुख्य राज बाजार से रेलवे कनेक्टिविटी पुनः चालू करवाने की मांग की गई। महासंघ के प्रतिनिधियों ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से अनुरोध किया कि वे फुलेरा आकर इस पीड़ा को स्वयं अनुभव करें और फुलेरा वासियों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाएं। फुलेरा वासियों की यह भावना बन चुकी है रेल नगरी का दर्जा तो हमारे पास है, पर सुविधा का आभास अभी बाकी है। हालांकि फुलेरा को अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित कर लिया गया है और आने वाले समय में निश्चित रूप से यहां की कायापलट होगी, लेकिन सवाल उठता है क्या तब तक यह यात्री पीड़ा और बेबसी इसी तरह जारी रहेगी ? महासंघ पदाधिकारियों ने जल्द से जल्द उक्त समस्याओं से निजात दिलवाने का आग्रह किया है।इस मौके पर गजेंद्र कुमावत, अरविंद शर्मा सहित कई दैनिक रेल यात्री मौजूद रहें।



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