हिंदी दिवस पर राष्ट्रीय गौरव के रूप में हिंदी भाषा का महत्व उजागर
छात्रों ने प्रदर्शित की रचनात्मक प्रतिभा
फुलेरा जयपुर से योगेन्द्र गहलोत की रिपोर्ट
राष्ट्र भाषा बनाने की जोरदार अपील
खबर जयपुर के फुलेरा शहर से है जहां शनिवार को विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में हिंदी भाषा के ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व को समर्पित हिंदी दिवस समारोह का आयोजन बड़े उत्साह एवं प्रेरणा से संपन्न हुआ। त्रिवेणी पब्लिक स्कूल में शाला प्रधानाध्यापिका सीमा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों ने वाद-विवाद, निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में भाग लेकर हिंदी भाषा की सरलता, व्यापकता और वैज्ञानिकता को उजागर किया। सचिव मीनाक्षी शर्मा ने हिंदी भाषा के लिपि, व्याकरण, शब्द संरचना और इसकी सहजता पर प्रकाश डाला, साथ ही बताया कि यह भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की विविध संस्कृतियों और एकता का प्रतीक भी है। कार्यक्रम प्रभारी चंचल कुमावत ने पूरे आयोजन का सजीव संचालन किया, जबकि व्यवस्थापिका दिव्या चौहान ने बताया कि हिंदी भाषा को केवल राजभाषा नहीं बल्कि राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि देशभर में इसकी उपयोगिता को और मजबूती मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी भाषा न केवल सरकारी कामकाज में महत्वपूर्ण है, बल्कि शिक्षा, व्यवसाय और संचार के क्षेत्र में भी इसका व्यापक प्रभाव है। इस मौके पर दिलीप सुरोलिया, प्रिया कुमावत, भारती सैनी, आरती, सुनीता सैनी आदि मौजूद रहें। वही न्यू जागृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, काचरोदा में शाला निदेशक दीपक शर्मा के नेतृत्व में भी हिंदी दिवस समारोह का भव्य आयोजन हुआ। छात्रों ने निबंध लेखन, पोस्टर व चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के विविध पहलुओं को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। निदेशक दीपक शर्मा ने बताया कि हिंदी भाषा भारत की आत्मा है, जो हमें राष्ट्रीय एकता का संदेश देती है। व्यवस्थापिका संतोष चौधरी ने जोर देते हुए कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलने से देश की संस्कृति और लोकतंत्र की जड़े और भी गहरी होंगी। कार्यक्रम का संचालन संतोष चौधरी ने अपने काव्यात्मक अंदाज में किया। इस मौके पर शिक्षिका दीक्षा कुमावत, अंजू कुमावत, संजू, विमला देवी, पूजा सहित सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हिंदी भाषा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि हिंदी को पूरे भारतवर्ष में एकता और प्रगति की भाषा के रूप में स्थापित करने हेतु निरंतर प्रयास किए जाएंगे।




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