करैली नरसंहार का मास्टर माइंड पुलिस मुठभेड में मारा गया। बिहार और झारखंड मिलाकर 25 लाख का इनामी नक्सली था
मुगेंर जिला अंतर्गत धरहरा प्रखंड मे हुई करैली नरसंहार का मास्टर माइंड अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा सोमवार को तड़के लगभग 5 बजे झारखंड के बोकारो में सीआरपीएफ,कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस की संयुक्त एंटी नक्सल आपरेशन के दौरान मारा गया। यह पुलिस की बहुत बड़ी उपलब्धि है। उसके मारे जाने से क्षेत्र के नक्सली संगठन की कमर टूट गई। वह पूर्वी बिहार-पूर्वोत्तर झारखंड भाकपा माओवादी संगठन का हार्डकोर नक्सली था।संगठन का सचिव सह प्रवक्ता होने के साथ ही वह जोनल कमांडर भी था।अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा उर्फ नेताजी मूल रूप से जमुई जिला अंतर्गत सोनो थाना क्षेत्र के भेलवा मोहनपुर गांव का रहने वाला था।यह मूल रूप से संगठन को हथियार सप्लाई करता था और संगठन के लिए फंडिंग एकत्रित करता था। इन दिनो उसे संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी सिलसिले मे वह बांका, जमुई, मुगेंर के साथ ही झारखंड मे घूम घूमकर संगठन के लोगो से मुलाकात कर लगातार बैठके कर रहा था।
जोनल कमांडर रहते हुए उसने मुगेंर मे कई संगीन अपराधिक घटनाओ को अंजाम दिया। उनमे प्रमुख है
मुंगेर जिले के 1997 बैच के आईपीएस सुरेन्द्र बाबू को उनके पांच अंगरक्षकों के साथ 5 जनवरी 2005 को भीम बांध मे बारूदी सुरंग लगाकर विस्फोट कर डाला जिसमें तत्कालीन एसपी के सुरेंद्र बाबू सहित कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे । यही से यह अपने संगठन में अपना वर्चस्व कायम कर लिया। उसके बाद से इसने लगातार कई ऐसे कारनामे किए जिससे यह पार्टी के शीर्ष कमांडर बन गए। 2 जुलाई 2011 को करैली नरसंहार मे 6 मासूम लोगो की निर्मम हत्या , हाल ही में आजिमगंज पंचायत के मुखिया परमानंद टुडू की नृशंस हत्या,29 अगस्त 2010 को लखीसराय के कवैया थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष भूलन यादव की हत्या कजरा के जंगल में मुठभेड़ के दौरान कर दी थी। उसी दौरान दारोगा लुकस टेटे को अगवा किया गया और सात पुलिस जवानों की हत्या करके शवों को कजरा के पहाड़ी इलाके पर फेंक दिया गया था। सखौल, लठिया कोल पुलिस मुठभेड,पैसरा मे लैंड मांइस ,ऋषिकुंड सैप जवानों की हत्या कर हथियार लूट लेने के आदि मामले में शामिल है।नक्सली अरविंद यादव उर्फ अविनाश दा ऐसे अन्य कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देकर चर्चा में रह चुका है। जिसका इतिहास बेहद खूंखार रहा है।अरविंद यादव को आजतक नहीं पकड़ा जा सका था। वहीं एसटीएफ डीएसपी सुनील कुमार शर्मा ने सोमवार के संध्या लगभग 5 बजे फोन पर बताया कि मारे गया नक्सली अरविंद यादव बिहार और झारखंड मिलाकर 25 लाख का इनामी था। उस पर मुगेंर जिला के धरहरा मे 7, लड़ैयाटांड मे 7, खड़गपुर मे 4,लखीसराय के कजरा मे 10,चानन मे 9,पीरीबाजार मे 9,जमुई के सोने मे 3, चरकापत्थर मे 4, ब्रिटेन मे 15, चन्द्रमंडी मे 2, चकाई मे 2,मलयपुर मे एक, लक्ष्मीनगर मे एक और खैरा मे 10 सहित कुल 84 मामले दर्ज है। उन्होने बताया कि नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए लगातार कई वर्षों से अभियान चलाया जा रहा है।कई नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया तो कई गिरफ्तार किए गए।लेकिन आज भी पुलिस को कुछ कुख्यात नक्सलियों की खोज है जो उनकी पकड़ से दूर हैं। ऐसे में नक्सली संगठन पूरी तरह से टूट कर बिखर चुका है। लगातार जिला पुलिस बल नक्सली सुरेश कोडा ,नारायण कोडा, बहादुर कोडा, रावण कोडा, भोला कोडा, टुनटुन कोडा दयानंद राणा को गिरफ्तार करने के लिए रणनीति बना रही है।
झारखंड के बोकारो में पुलिस और नक्सलियों के साथ मुठभेड़ की गोलियों की आवाज


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