विशाल निरंकारी ने भारत यात्रा का सफर किया फ्री में अलीगढ़ से कश्मीर तक
धरती पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो मन में ठान लेते हैं कि मुझे अमुक काम कर लेना है तो उसको अंजाम भी दे देते हैं। अब रही बात सोंच की तो समाज में अच्छे और बुरे लोग समाज में रहते हैं। लेकिन सबसे मजे की बात है कि अलीगढ़ के समाज से एक व्यक्ति उभर कर आता है जो पिछले दो सालों से 19 मई 2023 से अलीगढ़ से यात्रा शुरू की और बिन पैसे के यानी फ्री में हरिद्वार होते हुए चंडीगढ़ पठान कोर्ट के रास्ते जम्मू कश्मीर श्रीनगर पहुंचकर अपने मिशन में कामयाबी हासिल की जो काफी सराहनीय कदम है। आप इन बातों को पढ़कर या किसी से सुनकर आश्चर्य चकित जरूर हुए होंगे कि इतना बड़ा काम पैसे के बिना संभव ही नहीं है जो कैसे संभव हो पाया। क्योंकि घूमने के किराया चाहिए और खाने के लिए पैसे, फिर भी इनका एक रुपए कहीं खर्च नही हुआ। ये बताते हैं कि लोगों से लिफ्ट मांगकर अपनी यात्रा पूरी कर लेता हूं। जहां भोजन की बात है तो मैं मन्दिर और गुरुद्वारा में भोजन किया जहां एक पैसा भी नहीं लगा। ऐसा हर आदमी से संभव भी नही है क्योंकि इसके लिए positive mind की जरूरत है। अपनी यात्रा में पहली सफलता के बाद उन्होंने नेपाल की यात्रा भी पूरी की। इसके बाद विशाल निरंकारी और इनके भाई अर्पित शर्मा दोनों ने एक साथ अलीगढ़ से लद्दाख की यात्रा भी लोगों से लिफ्ट मांगकर उसे भी आसानी से पूरा कर लिए जो कितनी उत्साह भरी बातें हैं। अलीगढ़ से कन्याकुमारी तक का सफर पूरा होने के बाद उनकी अगली योजना अलीगढ़ से भूटान , बंलादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड और कंबोडिया जाने का है। अपने संदेश के जरिए समाज के युवाओं को बताना चाहते हैं कि समाज के अंदर जो विषमताएं हैं उसे हम दूर कर सकते हैं बशर्ते की अपने उद्देश्य को अपनी ताकत बनाकर भारत की संप्रभुता का संदेश देश के कोने - कोने हम जाकर दे सकते हैं कब, जब आप अपने अन्दर चट्टानी एकता का परिचय दें तथा अपने माता - पिता का आशीर्वाद लें, अपने सच्चे दोस्त तथा समाज के लोगों का प्रेम - भाव भी आपके प्रति होने चाहिए जिससे आप अपने उद्देश्य को लेकर बाहर निकलें तब कामयाबी आपके कदम चूमे। बातों की चर्चा करने के बाद विशाल निरंकारी ने कहा कि भारत की संस्कृति और उसके धरोहर को वीडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है, यही मेरा उद्देश्य है। उन्होंने अन्त में एक सुंदर बातें कही कि यूवा देश का भविष्य हैं। वे अपने माता - पिता की सेवा करें, गलत रास्ता न अपनाएं और अपने लक्ष्य पर फोकस करें क्योंकि आपके माता - पिता को आपसे बहुत उम्मीदें हैं। धन्यवाद!
नरेन्द्र कुमार
राष्ट्रीय प्रवक्ता
जन संघर्ष महासंघ


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