किशनपुर में जमीनी विवाद के बाद एनएच जाम, पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन
किशनपुर (सुपौल)। किशनपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत नौआबाखर पंचायत के सिमराहा गांव में शुक्रवार को जमीनी विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना के बाद एक पक्ष के दर्जनों महिला-पुरुषों ने किशनपुर गोल के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
प्रदर्शन में शामिल सुनिता देवी, सजनी देवी, ताराबती देवी, भारती देवी, शिबू देवी, सरिता देवी, बिमला देवी, रीता देवी, फूल कुमारी देवी, रिंकी देवी, चंदन देवी, अमली देवी, सुरेंद्र मंडल, संजीत मंडल, नीतीश कुमार, सुमिता देवी, अनिता देवी, जीबछी देवी, गुलों देवी, इंदु देवी, जहांनी देवी, मोनी देवी, रेखा देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सिमराहा गांव निवासी सुशील मंडल विवादित जमीन पर ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान कामेश्वर यादव सहित लगभग एक दर्जन लोग लाठी-डंडा व अन्य हथियारों से लैस होकर पहुंचे और खेत जोतने से मना करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि विरोध करने पर सभी आरोपियों ने सुशील मंडल को ट्रैक्टर से नीचे खींचकर लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के बाद उन्हें मृत समझकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में खेत में मौजूद लोगों की सूचना पर परिजन व ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जहां सुशील मंडल बेहोशी की हालत में पड़े मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घटना की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल किशनपुर थाना पुलिस को दी गई थी, लेकिन पुलिस की ओर से समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में उन्होंने एनएच जाम किया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर नहीं आएंगे, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा।
करीब एक घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कड़ी धूप में राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाया तथा मारपीट में शामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर आवागमन बहाल कर दिया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद जांच कर विधि-सम्मत अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।

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