26 जून की समयसीमा बीतते ही फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों लोगों ने थाने का किया घेराव; गिरफ्तारी देने पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने नहीं लिया हिरासत में




26 जून की समयसीमा बीतते ही फूटा जनाक्रोश, सैकड़ों लोगों ने थाने का किया घेराव; गिरफ्तारी देने पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने नहीं लिया हिरासत में




धरहरा प्रखंड के सुंदरडीह भलार गांव में मां-बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में 26 जून तक नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने पर शनिवार को धरहरा में जनाक्रोश सड़कों पर उतर आया। जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने डाकबंगला से धरहरा बाजार होते हुए थाना परिसर तक विशाल आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए थाना परिसर का घेराव किया और विरोध स्वरूप सामूहिक गिरफ्तारी देने की घोषणा की।।। हालांकि, धरहरा थानाध्यक्ष ने किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में नहीं लिया।मार्च के दौरान "पुलिस प्रशासन होश में आओ", "गरीबों को न्याय दो", "मजलूम पर अत्याचार बंद करो", "थाने में दलालों की बैठकी बंद करो" और "दिलखुश को न्याय दो" जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने से बच रही है, जबकि पीड़ित परिवार लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है। जानकारी के अनुसार, 20 मई को सुंदरडीह भलार गांव में खेत में काम कर रहे दिलखुश यादव के साथ फंटूश चौधरी, विपिन चौधरी, मंगल चौधरी, अनीता देवी समेत अन्य लोगों ने कथित रूप से मारपीट की थी। बेटे को बचाने पहुंचीं उसकी मां अनीता देवी के साथ भी मारपीट की गई। पीड़िता के आवेदन पर धरहरा थाना में चार नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन को 26 जून तक गिरफ्तारी की समयसीमा दी थी। मांग पूरी नहीं होने पर शनिवार को सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।

नेताओं ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि यदि मामला किसी प्रभावशाली व्यक्ति से जुड़ा होता तो पुलिस कुछ ही घंटों में कार्रवाई कर देती, लेकिन गरीब परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहा है।

जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गोप ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी शराब कारोबार से जुड़ा है, इसलिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है।

उपप्रमुख नीरज यादव ने कहा कि पीड़ित परिवार पहले भी हिंसा का शिकार हो चुका है। पिछले वर्ष दिलखुश के पिता का हाथ तोड़ दिया गया था और आज भी उनके हाथ में स्टील की प्लेट लगी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले मामले में न्याय नहीं मिलने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

थानाध्यक्ष बोले— जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

धरहरा थानाध्यक्ष सोनू कुमार ने कहा कि उन्होंने हाल ही में थाना का प्रभार संभाला है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे,उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आंदोलन का नेतृत्व सपा जिला अध्यक्ष पप्पू यादव, जन सुराज के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश गोप, जिला सलाहकार प्रमुख मोहम्मद मुकीम,जमालपुर नगर अध्यक्ष राकेश कुशवाहा,उपप्रमुख नीरज यादव, राजद नेता नवीन निराला,आईआईपी जिला अध्यक्ष नरेंद्र तांती,अमित रंजन,पंकज यादव,कौशल किसलय यादव,सुमन बिंद,संदीप यादव,कंतलाल मंडल,मुन्ना यादव,अजय चन्द्रवंशी,मिथिलेश यादव, मुहम्मद आजम,रविकांत झा,राकेश रंजन उर्फ कालीचरण,नकुल यादव,राजेश यादव,भरत यादव सहित सैकड़ों स्थानीय ग्रामीणों ने किया।

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