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श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में जुटा मुंगेर प्रशासन: 26 किमी कांवरिया पथ का डीएम ने किया मैराथन निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस”



श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों में जुटा मुंगेर प्रशासन: 26 किमी कांवरिया पथ का डीएम ने किया मैराथन निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष फोकस”








आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारी को ले कर जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर द्वारा बुधवार को मुंगेर जिले में पड़ने वाले 26 किलोमीटर क्षेत्र के सम्पूर्ण कांवरिया पथ का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने पूरे कांवरिया पथ में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न मुलभुत सुविधओं किए जाने वाले कार्याें का जायजा लिया तथा सभी विभागों के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निदेश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, तारापुर अनुमंडल पदाधिकारी राकेश रंजन सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी द्वारा मेला के प्रारंभ बिंदु कमरांय से श्रावणी मेला की तैयारी का जायजा लिया गया। इस दौरान वो मुंगेर जिला के असरगंज प्रखंड के कमरांय, चाफा, रहमतपुर, तारापुर प्रखंड के औरंगा, तेघरा, धोबई, छत्रहार मोड़, मरवा एवं संग्रामपुर प्रखंड के मनिया, कुमरसार धर्मशाला आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों से कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला अत्यंत ही महत्वपूर्ण एवं खास है। इस मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर के लिए रवाना होते हैं। 105 किलोमीटर के कांवरिया पथ में मुंगेर जिले में 26 किलोमीटर क्षेत्र से श्रद्धालु गुजरते हैं, इस लिए उन्हें मेले के दौरान किसी भी तरह की कोई कमी अथवा परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाना है। मार्ग से लेकर धर्मशालाओं में होने वाले कार्यांे के लिए उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अभी से ही टेंडर आदि की प्रक्रिया पूर्ण करने तथा शीघ्रताशीघ्र कार्यारम्भ के निदेश दिए। उन्होंने कहा कि चुकि यह क्षेत्र माननीय मुख्यमंत्री के गृह जिला में आता है, इस लिए भी इस बार विशेष सजगता एवं श्रद्धालुओं के हितार्थ सभी कार्य प्रारंभ करने प्रक्रिया पूर्ण कर लें। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा पूर्व में तीन टेंट सिटी का निर्माण कराया जाता था, इस बार एक अन्य सहित कुल चार टेंट सिटी की व्यवस्था किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने गोगाचक धर्मशाला, मनिया धर्मशाला, कुमरसार धर्मशाला, रैन शेल्टर मौजमा आदि का भी निरीक्षण किया। मौजमा रैन शेल्टर में उन्होंने एक्सहाॅस्ट फैन की व्यवस्था के निदेश दिए। इसके अलावे पूरे कांवरिया पथ पर पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए भी पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक निदेश दिए। उन्होंने कहा कि कांवरियों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसका ध्यान रखें। पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था को बिल्कुल दुरूस्त रखेंगे तथा साफ-सफाई का समुचित ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कांवरियां शिविर एवं सभी धर्मशालाओं के साथ साथ कांवरिया मार्ग में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था रहे। साथ ही कच्ची कांवरिया मार्ग में निर्धारित मानक के अनुरूप बालू को बिछाव कर लें और पूर्ण रूप से लेयर पूरा करें। मार्ग में जहां कहीं भी गढ्ढा है, उसे भी सुव्यवस्थित ढंग से भरते हुए मार्ग को बिल्कुल सही रखेंगे और टैंकर से लगातार पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया। इसके अलावे सूचना केंद्र, चिकित्सा शिविर, पुलिस कैम्प को एक ही जगह संस्थापित किया जाए, ताकि कांवरियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला में कांवरियां कई स्थानों से गुजरते हुए बांका एवं देवघर जिला क्षेत्रों से हेकर देवघर पहुंचते हैं। मुंगेर जिले के कुल लगभग 26 किमी क्षेत्र से गुजरते हैं। इस बीच कांवरियों द्वारा जगह जगह रात्रि विश्राम भी किया जाता है। इतने बड़े जनसमुदाय को इतने लंबे क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा विधि व्यवस्था संधारण करना जिला प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी ने कहा कि तारापुर एवं खड़गपुर अनुमंडल के जिन मार्गो से कांवरिया गुजरेंगे वे अतिसंवेदनशील हैं, इसे लेकर इन मार्गो में कांवरियों के सुविधार्थ विशेष विधि व्यवस्था संधारण का निर्देश दिया गया है। उन्होंने मेले के दौरान संपूर्ण कांवरिया मार्ग में पूरी सख्ती के साथ विधि व्यवस्था संधारण एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। और शानदार दमदार जानदार हेड लाइन के साथ


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