शनिवार की दोपहर जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह अचानक से धरहरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे गए। डीएम के औचक निरीक्षण से प्रखंड सह अंचल कार्यालय के कर्मियों के बीच अफरा - तफरी मच गई । मौके पर डीडीसी अजीत कुमार , प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार , एमओ दिग्विजय सिंह , सीओ वीरेन्द्र कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे । जहां कई तरह की अनियमितता पाए जाने पर दो अधिकारियों सहित एक लिपिक के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। डी एम ने बताया कि धरहरा प्रखंड कार्यालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ कुछ शिकायतें मिली, जिसके फलस्वरूप धरहरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में जहां प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) अर्चना दास के नियमित रूप से अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पदभार से मुक्त कर तत्काल अगले आदेश तक उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने एवं विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं वहां कार्यरत लिपिक किशोर कुमार ठाकुर द्वारा सरकारी राशि के दुरुपयोग, अनियमितता एवं लापरवाही बरतने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए अगले आदेश तक वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार की भी इस मामले में संलिप्तता उजागर होने के आरोप में उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रखंड कार्यालय के प्रखंड नजारत , अंचल कार्यालय में नजारत , रेकर्ड रूम , आरटीपीएस काउंटर सहित अन्य कार्यालयों का जांच किया । वहीं अंचल कर्मी से अस्वीकृत दाखिल - खारिज आवेदन की मांग कर आवेदन का जांच किया । इस दौरान जिलाधिकारी करीब दो घंटे तक प्रखंड कार्यालय के दस्तावेजों की जांच किया । जहां सितंबर माह से नाजिर के द्वारा कैश बुक नहीं लिखे जाने पर नाजिर किशोर कुमार ठाकुर को जमकर फटकार लगाया ।



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