नक्सल प्रभावित लकड़कोला गाँव में परिवार नियोजन चौपाल लगाया गया।
धरहरा प्रखंड के बंगलवा पंचायत के नक्सल प्रभावित लकड़कोला गाँव के संथाल टोला में मध्य विद्यालय परिसर में परिवार नियोजन चौपाल लगाया गया | चौपाल की अध्यक्षता वार्ड सदस्य झुमरी देवी के द्वारा की गई। इस कार्यक्रम की शुरुआत संथाल जनजाति प्रचलन के अनुसार मालायरपन से शुरू किया गया। परिवार नियोजन क्या है एव उसको अपनाने से हमें क्या-क्या फायदे हैं होते हैं उन सभी के बारे में बताया गया। पीरामल फाउंडेशन राज्य प्रतिनिधि उर्वशी ने लोगों को बताया की परिवार नियोजन का मतलब है परिवार की योजना बनाना। पिरामल के जिला प्रतिनिधि राजेश सिन्हा ने समुदाय को परिवार नियोजन के लाभ के बारे में बताया गया। इससे महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है। छोटा परिवार होने से आर्थिक बोझ कम होता है। देश की जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कम बच्चे होने से उनकी शिक्षा और परवरिश पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है। परिवार नियोजन अपना अपने जीवन मे संतुलित परिवार होने से जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई विधियों एव संसाधनों के बारे में भी बताया गया अगर कोई स्थाई साधन नहीं अपनाना चाहता तो वह अस्थाई साधन भी अपना सकता है चौपाल में उपस्थित सभी महिलाओं एवं पुरुषों को परिवार नियोजन के सभी संसाधन के बारे में बताया गया जैसे कि निरोध, माला–एन, छाया, इजी–पिल, अंतरा, कॉपर–टी और पुरुष नसबंदी एव महिला बादयकरण के बारे में भी सभी को समझाया गया और परिवार नियोजन संसाधन अपनाने से पुरस्कृत रूप में मिलने वाली राशि के बारे में सभी को बताया गया। चौपाल में गांधी फेलो प्रीति कुमारी, अंजली कुमारी, एवं एएनएम बबीता कुमारी, और आशा स्नेहा कुमारी, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका की खुशबू कुमारी, एवं जीविका सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।




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