मुंगेर: धरहरा के गोविंदपुर मिडिल स्कूल में MDM में कीड़ा मिलने और बच्चों से काम कराने का आरोप, BEO ने दिए जांच के आदेश
मुंगेर जिले के धरहरा प्रखंड से शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। प्रखंड के मध्य विद्यालय गोविंदपुर पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
छात्रों का कहना है कि स्कूल में मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता ठीक नहीं है और उनसे पढ़ाई के अलावा अन्य कार्य कराए जाते हैं। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और शिक्षा विभाग ने जांच की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार को स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने गांव पहुंचकर अपने परिजनों को अपनी समस्या बताई। इसके बाद ग्रामीण संगमेश कुमार, छोटू कुमार, रत्न सागर, रितेश कुमार और वीरेंद्र कुमार सहित कई अभिभावक स्कूल पहुंचे।
बच्चों ने ग्रामीणों को बताया कि मध्याह्न भोजन में कई बार कीड़े मिलने की शिकायत है। जब इसकी शिकायत प्रधानाध्यापक से की जाती है तो सही जवाब नहीं मिलता है।
छात्र नीतीश कुमार, राहुल कुमार और पीयूष कुमार सहित कई बच्चों ने आरोप लगाया है कि उनसे स्कूल परिसर की नाली की सफाई, भोजन के बर्तन धोने, शौचालय में पानी डालने और सब्जी ढोने जैसे कार्य कराए जाते हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि कक्षा में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होती है और पढ़ाई भी समय पर नहीं होती है।
MDM की मात्रा पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन की मात्रा पर भी सवाल उठाया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को कक्षा 1 से 5 तक 136 और कक्षा 6 से 8 तक 117, कुल 253 बच्चे उपस्थित थे।
नियम के मुताबिक 253 बच्चों के लिए लगभग 31 किलो चावल और 6 किलो से अधिक दाल की आवश्यकता होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि उस दिन स्कूल में केवल 20 किलो चावल और 5 किलो दाल ही बनाई गई थी।
प्रधानाध्यापक और शिक्षा विभाग का पक्ष
इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 391 छात्र नामांकित हैं और 12 शिक्षक कार्यरत हैं। सोमवार को तीन शिक्षिका पल्लवी कुमारी, संगीता कुमारी और अब्बा अजीज अवकाश पर है।
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी भोगेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें फोन पर शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि MDM में गुणवत्ता और बच्चों से कार्य कराने के आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एक साथ तीन शिक्षकों को अवकाश देने के मामले में प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
यह खबर ग्रामीणों और बच्चों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिक्षा पदाधिकारी द्वारा दिए गए बयान के आधार पर प्रकाशित की गई है। Star Public News Bihar किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं करता है।



0 टिप्पणियाँ