आदर्श दुर्गा मंदिर कुआंगढ़ी में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से ही किया जा रहा है।
आदर्श दुर्गा मंदिर कुआंगढ़ी में आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा सप्तशती का संपूर्ण पाठ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से ही किया जा रहा है। बीते शनिवार अष्टमी तिथि को मां भगवती की अर्चना के समय तरह-तरह के भोग लगाए गए सायंकालीन आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इसी अवसर पर रात्रि में 8:00 बजे से जागरण आरंभ हुआ जिसका समापन 12:00 बजे रात्रि को किया गया। जागरण बनारस से आए सुनील मिश्रा के टीम के द्वारा प्रस्तुत किया गया। शेरावाली का लगा दरबार है की प्रस्तुति पर सुनील मिश्रा का लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया एवं साथ साथ गायन कर आनंद उठाया। फिर मंच पर आई एक छोटी सी लड़की नम्रता राज। उसने जैसे ही अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो की प्रस्तुति शुरू की श्रोताओं की तालिया की गूंज के बीच उसकी आवाज गुम हो गयी फिर तो उसने गीतों की झड़ी लगा दी ।जेकर नाथ भोलेनाथ वो अनाथ कैसे होई ,पूर्व में उगले सूरज देव पश्चिम में द्वितीया के चांद एवं अन्य गीतों से अपनी जलवा बिखेरती चली गई।वादक वृंद भी पूरी मस्ती में दिखे। जब नम्रता अपना कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही थी तभी हल्की वर्षा होने लगी। लेकिन श्रोता अपनी जगह बने रहे और बूंदाबांदी में भी जागरण का मजा लेते रहे। हालांकि कुछ देर के बाद ही वर्षा रुक गई। इस कार्यक्रम का आयोजन विकास कुमार झा उर्फ झून ने किया था। साउंड एवं लाइटनिंग चंदन शर्मा ने संभाला ।शांति व्यवस्था कायम रखने में ललन ठाकुर, सुरजीत झा, रूपेश झा, उदय शर्मा एवं सोनर यादव के साथ-साथ सभी युवकों ने पूरा योगदान दिया।



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