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द्वितीय पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भी खाद्यान्न फसलों का होगा रिकार्ड उत्पादन -कुमार सर्वजीत

 




द्वितीय पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भी खाद्यान्न फसलों का होगा रिकार्ड उत्पादन  -कुमार सर्वजीत

माननीय मंत्री, कृषि विभाग, बिहार श्री कुमार सर्वजीत ने कहा कि अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के द्वितीय अग्रिम अनुमान के अनुसार वर्ष 2023-24 में कुल खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान 190.67 लाख मे० टन (गर्मा फसलों को छोड़कर) है। गर्मा फसलों के उत्पादन के आँकड़े आने पर अधिक उत्पादन संभावित है। 

माननीय मंत्री ने कहा कि खरीफ 2023 में अनियमित मॉनसून (सूखा) के बावजूद 94.26 लाख मे० टन खाद्यान्न उत्पादन अनुमानित है, जिसमें 86.75 लाख मे० टन चावल, 7.32 लाख मे० टन मोटे अनाज एवं 0.19 लाख मे० टन दलहनी फसलों का उत्पादन अनुमानित है। रबी 2023-24 में 96.41 लाख मे० टन (गर्मा फसल को छोड़कर) खाद्यान्न उत्पादन अनुमानित है जिसमें गेहूँ 67.08 लाख मे० टन, मोटा अनाज 26.67 लाख मे० टन, दलहनी फसल 2.66 लाख मे० टन अनुमानित है। वर्ष 2023-24 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 190.67 लाख मे० टन(गर्मा फसल को छोड़कर) प्राप्त होने की संभावना है। 1.32 लाख मे० टन तेलहनी फसल का उत्पादन अनुमानित है। इसके अतिरिक्त 11.79 लाख गाँठ जूट एवं मेस्ता का उत्पादन अनुमानित है। 

श्री कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को समय पर बीज, असामायिक वर्षापात को देखते हुए डीजल पम्पसेंट से सिंचाई करने पर 75 रू॰ प्रति लीटर डीजल अनुदान तथा अल्पवर्षापात वाले जिलों को निःशुल्क वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराने एवं राज्य के परिश्रमी किसानों की मेहनत का नतीजा है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक खाद्यान्न उत्पादन की सम्भावना है। 

वर्ष 2022-23 की तुलना में वर्ष 2023-24 फसलों की उत्पादकता निम्नांकित रहा है:-

                                                     उत्पादकता

                                                                                                     उत्पादकता: क्विंटल/हे०

क्र०

फसल का नाम

2022-23

2023-24 (द्वितीय पूर्वानुमान) 

(गर्मा फसल को छोड़कर)

1

चावल

26.83


28.58

2

गेहूँ

29.50

30.04

3

मक्का

48.29

59.93

4

दलहन

9.54

10.20

5

कुल खाद्यान्न

30.99

31.12

6

तेलहन


12.35

12.39


                                                                                स्रोत: अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, बिहार

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