मुंगेर सांसद और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का हवेली खड़गपुर में जनसंवाद, ग्रामीणों ने रखी विकास की मांगें
हवेली खड़गपुर, मुंगेर। मुंगेर सांसद सह केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने रविवार को हवेली खड़गपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर जनसंवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया।
केंद्रीय मंत्री के दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा गया। जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया गया।
सुबह से शाम तक चला जनसंपर्क अभियान
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का काफिला सुबह फोरलेन से उतरने के बाद सबसे पहले शिवाला पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे शामापुर, धपड़ी मोड़, शिवपुर लौगांय, दलापुर, बेगमपुर रतैठा, तेघरा और बरूईडीह होते हुए बरूई गांव पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली।
इसी क्रम में माहकोला और कैथी में स्वागत समारोह के बाद वे परसंडों पहुंचे, जहां जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित था। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। इसके बाद बैजलपुर में कार्यकर्ताओं के साथ भोजन करने के बाद वे बहिरा के लिए रवाना हुए, जहां एक और जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल हुए।
पार्षद लक्ष्मी देवी ने सौंपा मांग पत्र
दौरे के दौरान नगर परिषद हवेली खड़गपुर की वार्ड संख्या 05 की पार्षद लक्ष्मी देवी ने केंद्रीय मंत्री को मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में उन्होंने प्रमुख रूप से चार मांगें रखीं -
1. दुलारपुर प्राथमिक विद्यालय को मध्य विद्यालय का दर्जा दिया जाए।
2. मणी नदी पर छठ घाट का निर्माण कराया जाए।
3. दुलारपुर मुडला पुल से भोजल मंडल ढाला तक पक्की नहर सड़क का निर्माण हो।
4. दुलारपुर मणी नदी पुल का पुनर्निर्माण और दुलारपुर में काजवे पुलिया की जगह पक्का पुल बनाया जाए।
केंद्रीय मंत्री ने मांग पत्र पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नंदलाल बसु के नाम पर कला शोध केंद्र की मांग
वहीं, जदयू के पूर्व जिला प्रवक्ता मनोज कुमार रघु ने भी केंद्रीय मंत्री को एक अलग मांग पत्र सौंपा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार नंदलाल बसु की जन्मस्थली हवेली खड़गपुर में उनके नाम पर एक कला शोध केंद्र स्थापित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि हवेली खड़गपुर नंदलाल बसु की जन्मभूमि है, लेकिन नई पीढ़ी उनके योगदान से अनजान है। यहां कला शोध केंद्र बनने से युवाओं को उनकी विरासत और भारतीय कला में उनके योगदान की जानकारी मिलेगी और खड़गपुर को सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव पहल की जाएगी।



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