खुशियों की नई शुरुआत, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, विदाई के पल हुए भावुक
खुशियों की नई शुरुआत, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का भव्य स्वागत, विदाई के पल हुए भावुक
तिलक-माल्यार्पण से हुआ अभिनंदन, शैक्षणिक सामग्री का वितरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बिखेरे रंग, कक्षा 5 के विद्यार्थियों को दी गई यादगार विदाई
फुलेरा, जयपुर (राजस्थान) से योगेन्द्र गहलोत कि रिपोर्ट
फुलेरा कस्बे के निकटवर्ती ग्राम नौरंगपुरा स्थित घीसा बाबा की ढाणी में संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय शनिवार को खुशियों, उत्साह और भावनाओं से सराबोर नजर आया। यहां नवप्रवेशी विद्यार्थियों के अभिनंदन एवं कक्षा 5 के विद्यार्थियों के विदाई समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका अनिता राज शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि समाजसेवी सुरेन्द्र जाट एवं विशिष्ट अतिथि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गोगराज जाट रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने माल्यार्पण कर अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया और पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। समारोह के दौरान नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर एवं पुष्पमालाएं पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें स्कूल बैग, कॉपियां, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स सहित अन्य शैक्षणिक सामग्री भेंट की गई। वहीं प्राथमिक शिक्षा पूर्ण कर कक्षा 5 से विदा ले रहे विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई देते हुए स्मृति स्वरूप स्कूल बैग प्रदान किए गए। विदाई के इन भावुक पलों ने समारोह को यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि सुरेन्द्र जाट ने विद्यार्थियों को अनुशासन, संस्कार और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मन लगाकर अध्ययन करने तथा जीवन में निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। प्रधानाध्यापिका अनीता राज शर्मा ने अतिथियों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक रामनारायण गुर्ज
र ने किया। समारोह में विद्यालय स्टाफ, अभिभावकों, ग्रामीणों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। अंत में सहभोज के साथ कार्यक्रम का आत्मीय वातावरण में समापन हुआ।


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