2 सितंबर के पटना प्रदर्शन को लेकर रसोइया मजदूरों ने कसी कमर, औड़ाबगीचा में हुई अहम बैठक



2 सितंबर के पटना प्रदर्शन को लेकर रसोइया मजदूरों ने कसी कमर, औड़ाबगीचा में हुई अहम बैठक

By Chandan Kumar 

मुंगेर/धरहरा आगामी 2 सितंबर को पटना में प्रस्तावित राज्य स्तरीय मजदूर महा-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में रविवार को औड़ाबगीचा मध्य विद्यालय परिसर में विद्यालय रसोइया मजदूरों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।


बैठक की अध्यक्षता ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) के प्रखंड प्रभारी कामेश्वर रंजन ने की। बैठक में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से आई रसोइया दीदियों ने अपनी समस्याओं को रखा।


महंगाई में सम्मानजनक मजदूरी की मांग


बैठक को संबोधित करते हुए कामेश्वर रंजन ने कहा कि इस बढ़ती महंगाई के दौर में रसोइया मजदूरों को बेहद कम मानदेय पर काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों को सम्मानजनक मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि छंटनी, निजीकरण, ठेकाकरण और आउटसोर्सिंग जैसी नीतियों से गरीब मजदूरों का शोषण हो रहा है। इन नीतियों के खिलाफ और सभी मजदूरों को सरकारी न्यूनतम मजदूरी का लाभ दिलाने के लिए 2 सितंबर का पटना प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा।


जिला प्रभारी रविन्द्र मंडल ने भी मजदूरों से एकजुटता की अपील की। उन्होंने कहा कि जब तक मजदूर संगठित नहीं होंगे, तब तक उनके हक की लड़ाई नहीं जीती जा सकती।


11 गांवों की रसोइया दीदी हुई शामिल


इस बैठक में औड़ाबगीचा, बनवर्षा, गोपालीचक, सबेमा, महनपुर, सराधी, लकड़कोला, गौरेया, खर्राटा और लड़ैयाटांड़ सहित दर्जनों विद्यालयों की रसोइया मजदूर शामिल हुईं।


सभी ने सर्वसम्मति से 2 सितंबर को पटना चलो अभियान में भाग लेने का निर्णय लिया। साथ ही प्रखंड स्तर पर हर विद्यालय में जाकर संगठन को मजबूत करने पर सहमति बनी।


मौके पर कैली देवी, मुन्नी देवी, सुनैना देवी, समरी देवी, लीला देवी, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में रसोइया मजदूर उपस्थित थीं।


क्या है मुख्य मांगें?

1. रसोइया मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये लागू की जाए। 2. साल में 12 महीने का मानदेय और सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। 3. निजीकरण और आउटसोर्सिंग पर रोक लगाई जाए। 

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